घर बंदी के पहली कोरोनावायरस कि लहर को आज भी भूला नहीं पा रहा हूं शायद यह मानव इतिहास का पहला घर जैल था हालांकि हम मानवों ने अपने निजी हितों के लिए जल जंगल जमीन का दोहन किया जमीन के अंदर से गैस खनिज पदार्थ डीजल पेट्रोल कोयला निकाला, समुद्र के पानी को रीसाइक्लिंग मशीन से अपने पीने के लिए तैयार किया , जंगल के हरे भरे लहलहाते पेड़ों को काटकर अपने लिए फर्नीचर सोफ़ा सेट या फिर घर के लिए दरवाजे खिड़कियां या फिर औषधि के लिए इनका उपयोग किया पहाड़ को काटकर हमने सड़क मार्ग के लिए घर के भराव के लिए ,या फिर किसी सीमेंट फैक्ट्री , साबुन वगैरह के लिए पथरीली चट्टान को काटकर उसका चूर्ण बनाकर उपयोग किया , जिससे पहाड़ लगभग खत्म होने के कगार पर है , हमारे स्वार्थ ने जंगली जानवर जीवों को भूखों रहने के लिए मोहताज कर दिया यही कारण है कि हाथी ,शेर,चीता , तेंदुआ, भालू,बाघ,कभी कभी अपनी सीमा लांघ कर इंसानी बस्तीयों में आ कर इंसान पर आक्रमण कर रहे हैं क्या हम इसमें दोशी नहीं है ??् दूसरी ओर हमने अपने अपने देश कि सीमा कि रक्षा के लिए घातक हथियारों का अविष्कार किया जैसे कि जैविक, रसायनिक आदि जो कि पल भर ...
रमा नाश्ता तैयार कर रही थी तभी आवाज आई बहू ओ बहू तूने चाय में शक्कर नहीं डाली पता नहीं कहां रहता है दिमाग कुछ देर बाद बहू तूने पानी गर्म किया या नहीं फिर कुछ देर बाद अरे ओ बहु मेरे लिए पालक पराठा वना देना ऐसे ही उसकि सास उसे आदेश देते रहती थी वह उनके हर आदेश का पालन करती थी । ऐतवार का दिन था पति सुबोध छुट्टी होने के कारण बच्चों के साथ कैरम बोर्ड पर गोटियां खेल रहे थे चूंकि वह दोनों बच्चों सहित तीन ही हों रहें थें चौथा खिलाड़ी कम हों रहा था तभी तों बेटी सुचित्रा ने आवाज देकर मम्मी आप भी आ जाइए न उसकी बात खत्म भी नहीं हुई थी तभी बेटा गोलू ने कहा मम्मी आ जाइए न देखो दीदी मेरे साथ चिटिंग कर रही है मुझे बार बार हरा रहीं हैं रमा ने किचन से आवाज देकर जवाब दिया न बाबा न मुझे बहुत काम करना हैं उसके मना करने पर पति सुबोध ने अरे भाई आ जाइए न बच्चे जिद कर रहें हैं काम तो बाद में होता रहेगा पति के कहते ही रमा कमर में साड़ी का पल्लू खोंसकर कैरम खेलने लगी थी बाजी खत्म भी नहीं हो पाई थी तभी अम्मा जी ने बेडरूम से लेटे लेटे आवाज लगाई बहू ओ बहू बात कि बाम लाकर मेरे घुटनों में मालिश कर देना वह खेल छो...