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जन्मदिन

 बंग्ले में नाती के जन्म दिवस पर भव्य आयोजन किया गया था शहर के जाने माने सम्मानित रहीश हाथों में गुलदस्ता भेंट लेकर सपरिवार सहित आ रहें थें बेटा धनीराम बहू लछमी बंगले के गेट पर सभी मेहमानों का मुस्कुराते हुए स्वागत कर रहे थे घर के नौकरों को पहले ही आदेश दिया गया था कि मेहमानों कि खातिर दारी में कोई भी कसर नहीं छोड़ी जाए तभी तो नोकर दौड़ दौड़ कर चाय काफी पानी सभी मेहमानों को सर्व कर रहे थे सम्मानित धनाढ्य मेहमानों के आने के बाद जन्म दिन के कैक काटने कि तैयारी हों गई थी थोड़ी ही देर में हाल में हैप्पी बर्थ डे जियो हजारों साल कि ध्वनियां सुनाई दे रही थी साथ ही तालियां बजाने कि आवाज आ रही थी कुछ देर बाद पार्टी चालू हो गई थी मेहमानों के लिए खास तरह कि व्हिस्की मंगाई गई थी जाम पर जाम टकराए जा रहे थे हाल में मध्यम आवाज में रोमांटिक संगीत बज रहा था उस संगीत पर मेहमान थिरक रहें थें स्वादिष्ट रूचिकर भोजन का इंतजाम किया गया था बेटा बहू अपनी रहीशी का भरपूर दिखावा कर रहे थे  परन्तु बेटा बहू शायद भूल गए थे कि घर में बूढ़ी मां भी हैं जो कि विस्तर पर बहुत सारी बीमारी के साथ दो रोटी के लिए मोह...

जन्म दिन व्यंग्यात्मक लघुकथा

 बंग्ले में नाती के जन्म दिवस पर भव्य आयोजन किया गया था शहर के जाने माने सम्मानित रहीश हाथों में गुलदस्ता भेंट लेकर सपरिवार सहित आ रहें थें बेटा धनीराम बहू लछमी बंगले के गेट पर सभी मेहमानों का मुस्कुराते हुए स्वागत कर रहे थे घर के नौकरों को पहले ही आदेश दिया गया था कि मेहमानों कि खातिर दारी में कोई भी कसर नहीं छोड़ी जाए तभी तो नोकर दौड़ दौड़ कर चाय काफी पानी सभी मेहमानों को सर्व कर रहे थे सम्मानित धनाढ्य मेहमानों के आने के बाद जन्म दिन के कैक काटने कि तैयारी हों गई थी थोड़ी ही देर में हाल में हैप्पी बर्थ डे जियो हजारों साल कि ध्वनियां सुनाई दे रही थी साथ ही तालियां बजाने कि आवाज आ रही थी ।  कुछ देर बाद पार्टी चालू हो गई थी मेहमानों के लिए खास तरह कि व्हिस्की मंगाई गई थी जाम पर जाम टकराए जा रहे थे हाल में मध्यम आवाज में रोमांटिक संगीत बज रहा था उस संगीत पर मेहमान थिरक रहें थें स्वादिष्ट रूचिकर भोजन का इंतजाम किया गया था बेटा बहू अपनी धन का भरपूर दिखावा कर रहे थे  परन्तु बेटा बहू शायद भूल गए थे कि घर में बूढ़ी मां भी हैं जो कि विस्तर पर बहुत सारी बीमारी के साथ दो रोटी के लि...

काल गर्ल बेव सीरीज स्टोरी भाग 05

 पिछले भाग से आगे....  भाग ०४से आगे  बूढ़ा मंत्री फिर आया था हाल में महफिल सजी हुई थी मध्यम आवाज में संगीत बज रहा था वह मदहोश होकर झुम रहा था थिरकने लगा था करूणा कैबरे डांस कर रही थी देह पर नाम मात्र के वस्त्र थें कमर मटक रही थी सीने पर सुडोल सुगठित उरोज ऊपर नीचे हो रहे थे तभी बूढ़े मंत्री जी का मोबाइल फोन चिंघाड़ उठा था जो उसके खास आदमी पी ए का धा उसने कि आवाज को कम करके हैलो हैलो कहा दूसरी ओर से दुखित खवर आई थी कि नागपाल का हार्ट अटेक से निधन हो गया था थोड़ी देर तक वह हतप्रभ रह गया था फिर उसने संगीत कि आवाज वापिस यथास्थिति कर के नाचने लगा था कुछ देर बाद थककर सोफ़ा पर बैठ गया था थोड़ी देर आराम कर के उसने करूणा को गोदी में बैठा लिया था उसकि सुन्दरता का बखान कर के उस से एकाकार हो गया था आधे घंटे बाद कुत्ते जैसा हांफने लगा था सांस दुरस्त होते ही उसने करूणा से कहा था कि नागपाल अब इस दुनिया में नहीं है वह हार्ट अटैक में चला गया यह दुखदाई खवर सुनकर वह अट्टहास कर हस पड़ी थी फिर अच्छा रहा साला चला गया मेरी मजबूरी का बहुत ही फायदा उठाया हा हा हा भगवान् के घर देर है अंधेर नहीं वह ...