यो तो कार्तिक महीना किसान के लिए गेहूं कि फसल या फिर सरसों चना आदि के लिए समय के लिहाज से बहुत ही अनुकूल है पर अगर कुछ दिन इधर उधर हो गये तब किसान गया काम से ऐसे ही महीने मे अपने खेत पर पत्नी के साथ पिछली फसल के ठूठ खरपतवार इक्कठा करके जला रहा था दोपहर का समय था आसमां से सूर्य देव अपनी तपिश बिखेर रहे थे ऊसी के साथ खरपतवार मे लगी आग कि लपेटे भी आसमां छू रही थी ऐसे ही तपिश भरे समय में लछिया ने अपने मुंह सिर का पसीना अंगोछा से पोंछ कर अपनी अर्धांगिनी लछिया से कहां लटौरे नही आया धनिया :- मैंने तो पहले ही मना किया था कि उसे मोटरसाइकिल मत दिलाओ फाइनेंस कंपनी वाले वार वार किस्त जमा करने के लिए फोन लगा रहे हैं और घर में एक भी रूपए नहीं है । लछिया :- अरे यही तो दिन है घुम्ने के आज काल तो साइकल कि जगह मोटरसाइकिल ने ले ली है धनिया :- तुम्हें कोन समझाए पेट्रोल कितना महंगा हो गया है सारे दिन फट कर के घूमता-फिरता है लछिया:- बच्चा है अभी उसकी उम्र ही क्या है घूमने दो आग कि लपटे आसमां छू ...
अपनी सी कहानियां का पिटारा