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तुम कहां हो

 तुम कहां हो? कहां नहीं हों ? दोनों अनंत काल से चले आ रहें शाश्वत प़शन है इनके उत्तर भी अनंत काल से  शाश्वत हैं। प़भु के बगैर होना तो दूर कल्पना भी संभव नहीं तुम सर्वत्र हो प़भु कण कण में समाए हों प़भु तुम यहां भी हों वहां भी हों आपके बिना कहते हैं कि  पत्ता भी नहीं हिल सकता मंद मंद शीतल पवन नहीं वह सकतीं कल कल करती नदियां नही बह सकतीं हिलोरें मारकर विशाल सागर  अपनी सीमा में नहीं रहता न ही सूर्य अपनी तपिश बिखेर कर हमें रोशनी देता न ही चांद दीए जैसी रोशनी से हमें  शीतलता देता  पूछता हूं प़भु तुम कहां हो। हे प्रभु जब से हम मानव कि अगली पीढ़ी से लेकर  आखिर पीढ़ी तक यह प़शन हमें तबाह किये हुए हैं  बर्बादी के द्वार पर खड़ा किए हुए हैं हे प्रभु प़शन अटपटा सा है पर शब्दों कि गूंज उत्तर के रूप में होती है पर परतीत नहीं होती  हे प्रभु कभी कभी लगता है कि आप हमारे अन्तर मन में हों  तब कभी कभी लगता है कि आप कण कण में हों  तब कभी कभी लगता है कि दीन हीन लाचार अपाहिज मानव  पशु पंछी कि देखभाल करने में  हमें भूल गए हों  लेकिन यह सच है कि प़भु आप तो हो  पर आप कहां हो,??

कोरोना चौथी लहर का डर लेख

मिडिया वार वार पड़ोसी देश कि भयावह तस्वीरें दिखा कर सावधान सावधान कह कर हमें चेतावनी दें रहीं हैं अब हमें खुद को परिवार को पड़ोसी को मुहल्ले को  शहर को प्रदेश या फिर देश को महामारी से जागरूक करना होगा कारण पहले हम सुरक्षित रहेंगे तभी तो परिवार पड़ोसी को जागरूक कर पाएंगे । हम सभी ने पिछली तीन लहर देख ली है उन लहरों में हमारे दोस्त , रिश्तेदार पड़ोसी अनायास ही काल के गाल में समा गए हैं इसमें किसी कि गलती नहीं थी गलती उनकि थी जिन्होंने  सरकार , स्वास्थ्य विभाग के दिशा निर्देश का पालन नहीं किया मिडिया के हवाले से सभी देशों कि सरकार ने अपने अपने नागरिकों को कोरोनावायरस गाइड लाइन का पाठ याद कराया पर काल के गाल में समां गये लोगों ने नहीं माना कुछ लोग तो उनकी गलती नहीं मानते सारा दोष सरकार पर या फिर डाक्टर पर या फिर अस्पतालों पर मढ कर अपने आप को आत्मसात कर लेते हैं यह उनकी सोच है परन्तु सच्चाई यह थी कि मरने वालों ने कोरोना को हल्के में लिया था खिल्ली उड़ाई थीं सरकार के दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया था । यह तो तीन लहरों का भुत था अभी हम वर्तमान में हैं भविष्य हमारे हाथ में है हमें भूत से सीख

2021 कोविड 19

 मे ऐक वयापारी  ऊधार लेकर शुरू किया  बिजनेस  कोबिड 19 के लोक डाऊन के बाद  चालू किया काम  बिन सोचे समझे ले लिया जी ऐस टी नमबर  अब हर महीने रिटर्न भरने का  रहता था सिरदर्द  खैर प़ाईवेट कंपनी मे लिया था काम  जहां काम करना हो गया है हराम  भाई साहब कुछ अनपढ़ जाहिल  बन गये सुपरवाइजर  कुछ है पढे लिखे इंजीनियर जो चलते है ऐक घंमड लेकर  समझते है कंपनी मेरे बाप कि है. मेरे दादा नाना कि है. ठेकेदार है अपना गुलाम  जिसका करना है काम तमाम   पैसा  कमाकर नहीं जाऐ  कसम से करने नहीँ दूगा काम  निकालूँगा कमिया  नही दूगा पूर कारड  नहीं होगा पैमंट  रहेगा बैचैन । यह तो कंपनी के  सटाफ कि बात है  ठेकेदार का काम तमाम है. लेवर रोज छेड़छाड़ कर  दबी जुवान से कहती है  भाई साहब  पैमंट कब मिलेगा  मेरा भी घर परिवार है  ठेकेदार बढे विश्वास से  आज कल कह कह टाल रहा है  पर ऊसे है पता  मे छूठ बोल रहा हू । जी ऐस टी  विभाग से टेलीफोन आता है  भाई आप का रिटर्न जमा नही है  शाशन के नियम सख्त है  रजिस्ट्रेशन रद्द हो जाएगा कर चोरी का मुकदमा काएम होगा  जेल यात्रा होगी  जग हसाई होगी  पुलिस पेलम पाल करेगी  खैर डरकर ठेकेदार  अपनी संपत्ति