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काल गर्ल बैब स्टोरी भाग 07

 उसने चाय बना दी थी दोनों ही नीचे चटाई पर बैठकर चाय कि चुस्कियों लें रहें थें व एक दूसरे को निहार रहे थे कुछ देर बाद विनय कुमार ने कहा था कि आप बुरा नहीं माने तब में आपसे निवेदन करना चाहता हूं कि मेरी पेंटिंग जो आप देख रहीं हैं वह अधूरी है मैं उस पेंटिंग को आपके सहयोग से ही पूरा कर पाऊंगा जैसे कि गुलाबी शुष्क अधर , उन्नत वक्ष,कटली आंखें आदि क्या आप मेरा सहयोग करेंगी । जी क्यों नहीं  तब में जैसा कहूं आप उसी पोजीशन में बैठ जाइए गा आपके चेहरे के हाव भाव ऐसे होने चाहिए जैसे कि प्रेमिका प्रेमी कि बाट जोह रही हैं जैसे कि प्रेमी ने उसका दिल तोड दिया हों और वह बेचारी ? उसने जैसा कहा था करूणा उसी मुद्रा में बैठ गई थी उसके चेहरे के भाव भी बदल गये थें वह राजकुमार को याद कर भाव विभोर हो रही थी बढ़ी बढ़ी आंख से अश्रु कि कुछ बूंदें उसके गालों पर लुढ़क आई थी जो कि मोती जैसी दिखाई दे रही थी विनय कुमार उसके चेहरे को देखते हुए कूचों से कागज़ पर रंग भर रहा था लगभग घंटे बाद पेंटिंग उसके जैसे ही बन गई थी विनय कुमार ने उसकी आंखों के सामने चुटकी बजाकर मेम देखिए तस्वीर तैयार हो गई है यह कहकर तंद्रा भ...

प्रेम विवाह और समाज

सुबह का समय था जाड़ों के दिन थे कोहरा छाया हुआ था वातावरण में शीतलहर चल रही थी जिससे हड्डियां पी कंपकंपा रहीं थीं ऐसे में अधिकांश लोग गांव में गाय भैंस कि सेबा कर दुध निकालकर भूसा खली डाल कर या तो विस्तर में रजाई में दुबके हुए थे या फिर अलाव जलाकर अपने शरीर को गर्म रख रहे थे कुछ लोग चाय के साथ गरमागरम मूंग दाल की चटपटे खा कर ठंडी का जश्न मना रहे थे कुल मिलाकर यह कोहरे के कुछ दिन किसानों को जी तोड़ मेहनत करने से छुटकारा दिला रहे थे गंगा राम बरामदे में अलाव जलाकर हुक्का गुड़गुड़ा रहे थे सहसा उन्होंने बड़े बेटे घना राम को आवाज देकर कहा जरा मोबाइल फोन तो लाना देखो तो चेना राम कितना लापरवाह हो गया है एक हफ्ते से कोई खैर खबर ही नहीं दी अभी बच्चू कि ख़बर लेता हूं लगता है बच्चू को दिल्ली कि हवा लग गई है अभी सारे भुत उतार ता हूं गंगाराम ने मूंछों पर ताव देकर कहा था । चेनाराम छोटा बेटा था जो दिल्ली शहर में रहकर किसी कोचिंग संस्थान में पी एस सी , आई ए एस कि तैयारी कर रहा था पढ़ने लिखने में अव्वल था साथ ही देखने सुनने में भी सुंदर था दोहरे बदन का मालिक था बचपन से ही कसरत कर शरीर को मजबूत बना लिया ...