सरिता किचन में काम कर रही थी साथ ही वह कोई गीत गुनगुना रही थी शायद आज वह खुश थी कारण आज उसकी शादी कि पांचवीं सालगिरह थी पांच साल कैसे व्यतीत हुए पता भी नहीं चला क्यों कि उनके बीच में विश्वास ऐक दूसरे के लिए समर्पण कि मजबूत जो दीवार थी दोनों कामकाजी थे सरिता बैंक मैनेजर थी वही पति अविनाश सिविल इजीनियर नामी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में प्रोजेक्ट मैनेजर था वह गुन गुना रही थी तभी सरिता जल्दी करो मेरी मीटिंग है और तुम्हें भी छोड़ना हैं अच्छा शाम को होटल में छोटी सी पार्टी रखीं हैं तुम चाहो तब अपनी सहेलियों को भी बुला लेना। सरिता ने जल्दी जल्दी किचन का काम खत्म किया था फिर दोनों का लंचबॉक्स तैयार कर जी चलिए कहां था कार सड़क पर तेज गति से दौड़ रही थी सरिता सालगिरह पर तुम्हें क्या उपहार दूं अविनाश ने प्यार से कहा मेरा सबसे बड़ा उपहार तो आप है मुझे कुछ नहीं चाहिए बस हम हमेशा ऐसे ही खुश रहें सरिता ने मुस्कुराते हुए कहा था कुछ हल्की सी मजाक करते हुए कब बैंक पहुंच गए पता ही नहीं चला देखो शाम को पार्टी है तैयार रहना में समय पर घर आ जाऊंगा फिर होटल चलेंगे अच्छा वाय कहकर अविनाश चलें गय...
जून के पहले सप्ताह उमस से भरी हुई गर्मी में घर से बाहर निकलना दुश्वार नजर आता है शहरों में लोग ऐ सी कुलर कि ठंडी-ठंडी हवा में यह तपते मौसम का लुत्फ उठाते हैं उसके विपरीत गांव में किसान ऐसे ही मौसम में अपने अपने खेतों में पारली जलाना देशी खाद डालने का काम करते हैं वर्षा ऋतु आरंभ हो गई थी मौसम कि पहली बारिश ने दस्तक दे दी थी फिर भी उमस से राहत नहीं मिल रही थी किसानों ने अपने अपने हल बखर बैलों को सजाकर टैक्टर सुधार कर तैयार कर लिए थे दूर दूर तक कृषक अपने अपने खेतों में जुताई कर रहे थे कहीं-कहीं टैक्टर में बंधे डी जी से गाना बजाना कि आवाज आ रही थी कहीं कहीं कोई किसान फाग या लोकगीत गाकर अपना हर्षोल्लास दर्ज कर रहा था चारों तरफ उत्सव का माहौल था पंछी भी इस उत्सव में अपनी-अपनी चहचहाहट से उपस्थित दर्ज कर रहें थे मंगल ऐक साधारण सा किसान था थोड़ी सी जमीन थी ऊसी को घरवाली बच्चों के साथ बारह महीने कुछ न कुछ फसल सब्जी बोता रहता था मेहनत रंग लाई और देखते ही देखते पक्का मकान मोटरसाइकिल ट्रेक्टर खरीद कर बढ़े किसानों कि फेरहिस्त में शामिल हों गया था दूसरी ओर ...