यूं मुक्ति के अनेकों अर्थ है यानी मुक्त होने के जैसे कि कर्ज से मुक्ति,मन कि चिंता से मुक्ति, ,जीवन से मुक्ति इत्यादि पर ठाकुर साहब उस थकाऊ नौकरी से मुक्ति पाना चाहते थे जहां पर समय का कोई भी हिसाब किताब नहीं था , जहां का स्टाफ के कुछ सदस्यों को इंसान से कोई भी लेना देना नहीं था उसका कारण यह था कि बे कंपनी कि तरफ से पड़ लिखे इंजीनियर थे यानी किसी के पास सिविल इंजीनियर का डिप्लोमा था या फिर डिग्री पर भले ही धरातल पर काम करने में बे सब जीरो थे पर कंपनी के अफसर उन्हें ही ज्यादा इज्जत देते थे उन्हें ही ज्यादा पावर दिए गए थे जैसे कि सुपरवाइजर फोर मेन से ज्यादा से काम लेना मजदूरों को इंसान नहीं समझना , ठेकेदार से कमिशन लेंना आदि ठाकुर साहब कंट्रक्शन कंपनी में सीनियर सुपरवाइजर थें उनका नाम नरेंद्र सिंह ठाकुर था बड़े ही सरल हृदय व दयालु थे साथ ही मेहनत कश कर्मठ, ईमानदार इसी के कारण वह मालिक लोगों के खासमखास थें उन्हें बहुत सारी जिम्मेदारी दी गई थी जैसे कि मटेरियल पर नजर रखना उसकी क्वालिटी चेक करना साइट कि अन्य व्यवस्थाएं फिर कंट्रक्शन के हर आइटम कि क्वालिटी कंट्रोल करना इत्याद...
सावन माह में वर्षांत होना तो आम बात है परन्तु इस बार जरूरत से ज्यादा बारिश हो रही थी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रिंट मीडिया शहर के हर उस हिस्से को जहां जल भराव ज्यादा था पत्रकार छाता लगाकर घुटने तक पानी कि तस्वीरें चीख चीख कर बयां कर रहे थे उनके अनुसार मानों धरती जल में समां जाएगी खैर ऐसी ही घनघोर वारिस में नीलमा आठवें माले पर स्थित फ्लैट कि खिड़की के पास कुर्सी पर बैठी हुई पति का आने का इंतजार कर रही थी वह बार बार दीवाल घड़ी पर नज़र डाल रहीं थीं अर्ध रात्रि हो गई थी साढ़े बारह बज रहे थे परन्तु अभी तक नहीं आएं थें मन में नाना प्रकार के विचार पनप रहे थे कहीं कोई दुर्घटना नहीं ऐसा नहीं सोचते पर फोन भी तो नहीं उठाते अब क्या करूं तभी दूर कार कि हैडलाइट कि रोशनी दिखाई दी थी थोड़ी देर बाद कार गेट के अंदर पहुंच गई थी अब उसे तसल्ली हुई थी ज़रूर गौरव ही आ रहें होंगे । डोरबेल कि घंटी बजी थी उसने डोरबेल के आइ सीसे से आंगतुक को देखा था फिर दरवाजा खोला था आंगतुक के हल्के हल्के कदम लड़खड़ा रहें थें नाक के दोनों नथुनों से सिगरेट शराब कि मिली जुली गंध आ रही थी आंगतुक सोफे पर बैठ गए थे । आप आज फि...