ऐक था राजा उसका ऐक राजकुमार था राज्य में सब कूशल मंगल था ऐक दिन राजा राजकुमार को राज सौंप कर तीर्थ यात्रा को निकल गया राजा के जाने के बाद राजकुमार अपनी सूझबूझ से राज्य चलाने लगा था चारो ओर शांति समृद्धि कायम हो रही थी जो कुछ चाटूकारों को अच्छी नही लगती थी ऐक दिन ऐक गरीब ब्राह्मण राज दरबार में आया था उसे अपनी पुत्री का विवाह करना जा चूकि गरीब होने के कारण धन नहीं था पत्नी के बार बार कहने पर वह आया था पर ब्राह्मण सिद्धांत का पक्का था बिना कुछ दिए हुए भिक्षा भी नहीं लेता था खैर राज दरबार में ऊसका यथोचित सत्कार किया गया था राजकुमार ने आने का कारण पूछा तब ब्राह्मण ने कहा हे राजन मुझे अपनी कन्या का विवाह करना है मेरे पास धन की कमी है अतः मुझे आपसे आर्थिक मदद चाहिए तब राजकुमार ने कहा हे ब्राह्मण आपके लिए रात को खोल देता हूं आपको जितना भी लगे आप ले जा सकते हैं तब ब्राह्मण बोला नहीं नहीं राजन मैं फ्री में किसी से दान भी नहीं लेता मैं आपको एक कागज दे रहा हूं वक्त आने पर इसे पढ़िए गा बहुत काम आएगा खैर ब्राह्मण कागज दे कर धन लेकर अपने घर रवाना ह...
भाई साहब यह जमाना स्पेशलिस्टो का हैं समाज में बाजार में कोर्ट कचहरी, चिकित्सा खेती किसानी,जल वायु, शिक्षा, साहित्य, कविता, कहानी,लेख, चिंतन, दर्शन,पर सभी के पास, डिग्री हैं हो सकता है कि कुछ छेत्र या फिर में सुनील कुमार को अन्य विषय पर जानकारी न हो परन्तु मेरे डाक्टर ने बहुत सारी बीमारी बताई थी कारण यह था कि मेरी उम्र यो साठ साल से ऊपर हो गई थी भाई साहब आप लोगों को तो पता ही है कि यह उम्र अपने साथ बहुत सारी बिमारी लेकर आती है जैसे कि शुगर, ब्लेड प्रेशर कब्ज बात पित्त आदि मेरा परिवार का डाक्टर भी मनुष्य शरीर का स्पेशल स्पेशलिस्ट हैं जिसने मुझे बहुत सारी बीमारी बताई थी व उसका उपचार, खाना पीना समझाया था । ठीक है बीमारी का आना जाना जैसे सुवह सूर्य उदय होता है तब आंखों में उदय होते रंग मेरे शरीर में उर्जा उमंग भर देते हैं में अपने आप को तरोताजा समझने लगता हूं फिर उस समय के बाद मेरी धर्मपत्नी नाश्ता में आपको यह लेना है आपको यह नहीं लेना चाहिए आप को पता नहीं है कि अभी आपकी पिछले हफ्ते जो रिपोर्ट आई थी उसमें आप कि दिल कि धड़कन कम थी साथ ही शुगर का लेवल भी ज्यादा था...