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मोन साधना दर्शन लेख

 कहते हैं कि मोन में बहुत शक्ति है मोन साधना से बड़ी कोई भी साधना कभी भी अकेले नहीं होती है आप अपने देखने के टैग से जान लें कि हमारे अंदर की भीड़ में हम अपने अंदर हंकारते हैं। क्या कभी आपने अकेले में अपनी आत्मा से एकांत में भाग लिया है शायद आज हमारे पास समय ही नहीं है क्योंकि यह सोशल मीडिया का जमाना है क्योंकि यह विज्ञान की मशीन का जमाना है क्योंकि मनुष्य बटन एक पर सब कुछ बताता है और यहां तक ​​जाता है कि हमारे शरीर में कौन सी कमी है हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हमारे शरीर को किसी भी तरह से कुछ तैयार करना चाहिए हमें फिर से बताएं कि हम क्यों हैं कि आप अपने साथ एक साथ रहें। है. कभी-कभी हम आपको अलग-अलग दिखाते हैं क्योंकि आधुनिक युग में परिवार का एक दूसरे के लिए प्रेम मंदिर न तो बचा है और न ही खाली हो रहा है। शांति समाप्त हो गई है और हमराद्रा में ग्राहक अपना सब कुछ खो देते हैं ठीक है अब सवाल है कि हमें मोन साधना क्यों करनी चाहिए। कहते हैं कि मन के हारे-हारे है मन के जीते हुए मन क्या करता है, यह बहुत ही सूक्ष्म प्रश्न है, बड़े-बड़े साधक, संतों के पास, संतोष के पास, उत्तर नहीं, यह बोध...

निराला प्यार

 प़भु तेरी प़ेम भरी

मुस्कान से

तेरी प़ेम से भरी जवान से

में हृदय से धन्य हो गया

चाहें जब चाहे जहां

सुन्दर सुहावने स्वप्न में खो गया

यदि तू नहीं होता

ये तेरा स्नेह नही होता

कब का हार गया होता

कब का इस नश्वर संसार से

मुंह मोड़ कर चला गया होता

ओ प़भु यहां तो सब कुछ धोखा हैं

सारे संबंधों ने जबरदस्ती 

किन्हीं स्वार्थों के खातिर

रोका हैं

में इन सब को तेरे कारण जान गया 

पहचान गया ।

और सिर्फ सिर्फ तुझे अन्तर मन से मान गया

क्यों कि तूं ही

इन सभी में यत्र तत्र आकर

कभी परेशान कर 

कभी संतावना दे शब्दों

से तसल्ली बांधता है

कभी दोस्त बन सारे जीवन 

साथ देने का यकीन दिलाता है 

कभी कहीं कमी नहीं

तू ही जब चाहे किसी भी रूप में

मिल कर मुझे मेरी राह में

नित नूतन आंनद बिखेर चल देता

कभी मुझे तू रोकता नहीं

कभी मुझे तू टोकता नहीं 

कभी मुझे तू बांधता नहीं

 हमेशा स्वतंत्र

रखें हैं 

और हमेशा तूं हमारे लिए पलकें 

बिछाए 

इन्तजार करता है 

में जान गया पहचान गया कि 

तू और मेरी आत्मा 

मेरा अन्तर मन ऐक ही है 

और तू ही केवल तू ही 

मुझे अनोखा प्यार करता है 

तूं ही तो मेरे दुःख सुख का 

अकेला साथी है 

हे साथी ऐसे ही सारे जीवन 

साथ साथ चलना 

और मुझे अंत समय में 

अपने आप में एकाकार कर लेना ।।

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